मुख्य लौकिक युग सत्य (उकृत), त्रेता, द्वापर और कलिनाम से चार भागों में (चतुर्धा) विभक्त है। इस युग के आधार पर ही मन्वंतर और कल्प की गणना की जाती है। इस गणना के अनुसार सत्य आदि चार युग संध्या (युगारंभ के पहले का काल) और संध्यांश (युगांत के बाद का काल) के साथ 12000 वर्ष परिमित होते हैं। चार युगों का मान 4000 + 3000 + 2000 + 1000 = 10000 वर्ष है; संध्या का 400 + 300 + 200 + 100 = 1000 वर्ष; संध्यांश का भी 1000 वर्ष है। युगों का यह परिमाण दिव्य वर्ष में है। दिव्य वर्ष = 360 मनुष्य वर्ष है; अत: 12000 x 360 = 4320000 वर्ष चतुर्युग का मानुष परिमाण हुआ। तदनुसार सत्ययुग = 1728000; त्रेता = 1296000; द्वापर = 864000; कलि = 432000 वर्ष है। ईद्दश 1000 चतुर्युग (चतुर्युग को युग भी कहा जाता है) से एक कल्प याने ब्रह्मा की आयु 100 वर्ष है। 71 दिव्ययुगों से एक मन्वंतर होता है। यह वस्तुत: महायुग है। अन्य अवांतर युग भी है।
Aaj Ka Panchang and Tithi 21 June 2025 : हिंदू पंचांग के अनुसार (aaj ka panchang) आज शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है। इस तिथि पर अतिगंड योग और अश्विनी नक्षत्र बना रहेगा। आज आषाढ़ मास 21 जून दिन शनिवार है। पंचाग के अनुसार आज योगिनी एकादशी, साल का सबसे बड़ा दिन है । आप पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें। ब्रह्म मुहूर्त की बात करें तो प्रातः 04:04 बजे से प्रातः 04:44 बजे तक है और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा। दैनिक पूजा के लिए शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखा जाता है, इसलिए इस पंचांग में हम आपको शुभ समय और राहु काल का समय भी बताएंगे ताकि आपको अपनी पूजा का फल मिल सके। ध्यान में रखकर भगवान की पूजा करें। हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पाँच भागों से बना होता है। ये पाँच भाग हैं तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहाँ दैनिक पंचांग में हम आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक...
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